झूल रे हाथी झूल

झूल रे हाथी झूल
माखन हाथी झूल
झूलते झूलते भूख लगी थी
एक नारंगी तोड़ खाई थी
माली के बेटे ने देखा था
नीम की डाली को बाँधा था
कोतमीर की डाली से मारा था
झटा फट, फटा फट
फूल में फूल, गुलाब का फूल

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मुम्मी की रोटी

मुम्मी की रोटी गोल गोल
पापा का पैसा गोल गोल
दादा का चश्मा गोल गोल
दादी की बिंदी गोल गोल
तू और मैं गोल मटोल

चंदा मामा …

चंदा मामा दूर के
पुए पकाए बूर के,
आप खायं थाली में
मुन्ने को दें प्याली में