झूल रे हाथी झूल
माखन हाथी झूल
झूलते झूलते भूख लगी थी
एक नारंगी तोड़ खाई थी
माली के बेटे ने देखा था
नीम की डाली को बाँधा था
कोतमीर की डाली से मारा था
झटा फट, फटा फट
फूल में फूल, गुलाब का फूल
झूल रे हाथी झूल
February 6, 2007 at 4:31 pm (Hindi, Kids, Rhyme)
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